राष्ट्रपति के साथ करीब तीन साल निभाई जिम्मेदारी
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल भारतीय सेना में करीब 12 साल सेवा देने के बाद हाल ही में समय से पहले रिटायर हुए हैं। उनके सैन्य करियर का एक अहम हिस्सा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के Aide-de-Camp यानी ADC के रूप में रहा, जहां उन्होंने करीब तीन साल तक जिम्मेदारी संभाली।
ADC की भूमिका में राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, प्रोटोकॉल, समन्वय और कई तरह की व्यक्तिगत एवं आधिकारिक जरूरतों को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी शामिल होती है। सांब्याल ने हालिया बातचीत में इस भूमिका के कई पहलुओं के बारे में बताया।
सोशल मीडिया पर भी मिली पहचान
राष्ट्रपति मुर्मू के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों और यात्राओं में नजर आने के बाद सांब्याल सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चित हुए। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब साझा किए गए और उन्हें ऑनलाइन “नेशनल क्रश” जैसे नाम भी दिए गए।
बारिश के दौरान राष्ट्रपति के ऊपर छाता पकड़े उनकी तस्वीर और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों के वीडियो ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
निजी जिंदगी को लेकर क्या बताया?
राज शमानी के पॉडकास्ट में सांब्याल ने राष्ट्रपति के ADC के तौर पर अपनी निजी जिंदगी पर पड़ने वाले असर के बारे में भी बात की।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के ADC के कार्यकाल के दौरान शादी नहीं कर सकते। परिवार से लंबे समय तक दूर रहना और सामान्य निजी जीवन न जी पाना उन्होंने इस भूमिका की बड़ी व्यक्तिगत कीमतों में शामिल बताया।
सांब्याल ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के साथ काम करने के दौरान उनकी निजी जिंदगी काफी सीमित रही और परिवार से दूरी बनी रही।
परिवार की जिम्मेदारियों के चलते लिया रिटायरमेंट का फैसला
मेजर सांब्याल ने सेना छोड़ने के फैसले को अपने जीवन के सबसे कठिन फैसलों में से एक बताया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने करीब चार महीने तक इस फैसले पर विचार किया और आखिरकार पारिवारिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए समय से पहले रिटायरमेंट लेने का फैसला किया।
उन्होंने यह भी कहा कि सेना की वर्दी पहनना उनका बचपन का सपना था और उन्होंने कभी इतनी जल्दी सेना छोड़ने की कल्पना नहीं की थी।
राष्ट्रपति मुर्मू के बारे में भी साझा किया अनुभव
सांब्याल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ अपने अनुभव को भी सकारात्मक रूप में याद किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के साथ लंबे समय तक काम करने के दौरान उन्हें उनसे पारिवारिक जुड़ाव जैसा महसूस हुआ।
राष्ट्रपति के ADC के रूप में उनके कार्यकाल ने उन्हें सैन्य और प्रोटोकॉल से जुड़ी जिम्मेदारियों के साथ-साथ देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के करीब से काम करने का अनुभव भी दिया।
जरूरी सूचना: मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल के निजी अनुभव और उनके बयानों पर आधारित जानकारी को उसी संदर्भ में पढ़ा जाना चाहिए। ADC की जिम्मेदारियों और प्रोटोकॉल से जुड़े व्यापक नियमों के लिए आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिक आधार माना जाना चाहिए।