मीराबाई चानू ने रचा इतिहास
भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने बुधवार को एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 198 किग्रा वजन उठाया।
चानू ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा का सर्वश्रेष्ठ वजन उठाया। उनका यह प्रदर्शन उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए काफी रहा।
28 साल बाद भारत को वेटलिफ्टिंग में पदक
मीराबाई की सिल्वर जीत इसलिए खास है क्योंकि भारत को एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग का पिछला पदक 1998 के बैंकॉक एशियन गेम्स में मिला था। तब कर्णम मल्लेश्वरी ने भारत के लिए पदक जीता था।
इसके बाद 2002, 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 के एशियन गेम्स में भारत वेटलिफ्टिंग में पदक नहीं जीत सका। 2022 के गेम्स 2023 में हांगझोउ में आयोजित हुए थे।
मीराबाई के मेडल कलेक्शन में जुड़ा एशियन गेम्स पदक
मीराबाई चानू के पास पहले से ओलंपिक सिल्वर, वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड और कॉमनवेल्थ गेम्स के कई पदक मौजूद हैं। एशियन गेम्स का पदक उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में एक खाली जगह थी, जो अब पूरी हो गई है।
मीराबाई 2014 में अपने पहले एशियन गेम्स में नौवें स्थान पर रही थीं। 2018 में चोट के कारण वह प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकीं, जबकि 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में वह चोट के बाद चौथे स्थान पर रही थीं।
उत्तर कोरिया की रि सोंग-गुम ने जीता गोल्ड
महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में उत्तर कोरिया की रि सोंग-गुम ने 215 किग्रा के कुल वजन के साथ गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने स्नैच में 94 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 121 किग्रा उठाया। इंडोनेशिया की लुलुक डायना त्रि विजायाना ने 191 किग्रा के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
मीराबाई चानू की सिल्वर के साथ एशियन गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टिंग ने 28 साल बाद एक बार फिर पोडियम पर वापसी की है।