टीम में बदलाव के बाद डबल स्कल्स में उतरे सतनाम-सलमान
एशियन गेम्स के लिए रवाना होने से पहले सतनाम सिंह और सलमान खान को पुरुषों के क्वाड्रुपल स्कल्स टीम का हिस्सा बनाया गया था। उनके साथ जकार खान और बलराज पंवार को भी इस इवेंट के लिए रखा गया था।
लेकिन प्रतियोगिता से ठीक पहले भारतीय रोइंग टीम के कॉम्बिनेशन में बदलाव किया गया। इसके बाद सतनाम और सलमान को क्वाड्रुपल स्कल्स से हटाकर डबल स्कल्स में उतारा गया। टीम में हुए इन आखिरी समय के बदलावों को लेकर भारतीय रोइंग टीम में असंतोष भी सामने आया था।
6:13.25 मिनट में जीता कांस्य
नागरगावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स में गुरुवार को हुए पुरुषों के डबल स्कल्स फाइनल में सतनाम सिंह और सलमान खान ने 6:13.25 मिनट का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया।
भारतीय जोड़ी रेस के शुरुआती हिस्से में दूसरे स्थान पर थी और करीब 1,500 मीटर तक पदक की स्थिति में बनी रही। अंतिम 500 मीटर में चीन और उज्बेकिस्तान की जोड़ियों ने बढ़त बनाई और भारत को कांस्य से संतोष करना पड़ा।
चीन के यी शुडी और यीदे नी ने 6:09.37 मिनट के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने 6:10.49 मिनट के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
डबल स्कल्स में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक
सतनाम सिंह और सलमान खान का कांस्य पदक भारतीय रोइंग के लिए खास है। यह एशियन गेम्स के पुरुषों के डबल स्कल्स इवेंट में भारत का पहला पदक है।
सतनाम के लिए यह दूसरा एशियन गेम्स पदक है। इससे पहले उन्होंने हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुषों के क्वाड्रुपल स्कल्स में कांस्य पदक जीता था। वहीं सलमान खान का यह पहला एशियन गेम्स पदक है।
सलमान खान के लिए खास उपलब्धि
सलमान खान ने 2018 में भारतीय सेना की बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप में शामिल होने के बाद रोइंग शुरू की थी। वह राष्ट्रीय स्तर पर भी कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं और 2023 में सीनियर नेशनल्स तथा ओपन स्प्रिंट नेशनल्स में स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं।
सतनाम सिंह भारतीय नौसेना से जुड़े रोअर हैं। उन्होंने हैंडबॉल से खेल करियर की शुरुआत की थी और बाद में रोइंग को अपनाया। एशियन गेम्स में पहले से मौजूद अनुभव का फायदा उन्हें इस मुकाबले में भी मिला।
आखिरी समय के बदलाव के बावजूद पदक
भारतीय रोइंग टीम में प्रतियोगिता से कुछ दिन पहले किए गए बदलावों को लेकर विवाद हुआ था। कुछ खिलाड़ियों ने इन फैसलों पर सवाल उठाए थे और टीम के भीतर असंतोष की खबरें भी सामने आई थीं।
इसके बावजूद सतनाम सिंह और सलमान खान ने नए कॉम्बिनेशन में तेजी से तालमेल बनाया और डबल स्कल्स में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया।