दिल्ली में मोदी-पुतिन की अहम बैठक
BRICS Summit 2026 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में भारत-रूस के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के साथ-साथ रक्षा, परमाणु ऊर्जा, उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिज और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई।
पीयूष गोयल ने BRICS देशों के सामने रखा डिजिटल पेमेंट का प्रस्ताव
BRICS Business Forum 2026 के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने BRICS देशों से अपने पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए और डिजिटल व्यापार को दुनिया भर में ज्यादा आसान और सुलभ बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
गोयल ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने BRICS देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने के लिए गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने और बाजारों को ज्यादा खुला बनाने पर जोर दिया।
BRICS Summit में व्यापार और आर्थिक सहयोग पर नजर
2026 का BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। इस बार सम्मेलन में व्यापार, डिजिटल पेमेंट, सप्लाई चेन, स्टार्टअप और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
BRICS के सदस्य देशों के बीच भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाना और स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन बढ़ाना लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। हालांकि रूस की ओर से हाल में कहा गया है कि वह किसी एक तरह के “डी-डॉलराइजेशन” अभियान के बजाय स्वीकार्य भुगतान माध्यमों के लिए खुला है।
BRICS Summit 2026 क्यों है खास?
भारत की मेजबानी में हो रहा यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक व्यापार, ऊर्जा और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। BRICS के विस्तार के बाद समूह में अब 11 सदस्य देश हैं और आर्थिक सहयोग को लेकर इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।