सोते समय हत्या का आरोप
लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में रामकिशोर वाल्मीकि की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी दूसरी पत्नी सुफिया बानो, उसके कथित प्रेमी मुन्ना उर्फ मूंछड़ और मोहम्मद इकबाल उर्फ वसीर अहमद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, रामकिशोर की हत्या 14-15 सितंबर की रात उस समय की गई, जब वह घर में सो रहे थे।
पुलिस के अनुसार, सुफिया और रामकिशोर करीब चार साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे और लगभग दो साल पहले दोनों ने शादी की थी। बाद में रामकिशोर को सुफिया के कथित तौर पर मुन्ना के साथ संबंधों की जानकारी हुई, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद होने लगे।
पहली पत्नी से संपर्क को लेकर भी विवाद
जांच के मुताबिक, रामकिशोर अपनी पहली पत्नी कविता देवी के पास दोबारा जाने लगे थे और उसे आर्थिक मदद भी दे रहे थे। पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर सुफिया नाराज थी। इसके बाद हत्या की कथित साजिश रची गई।
पुलिस का आरोप है कि सुफिया ने घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया, जिसके बाद मुन्ना और मोहम्मद इकबाल घर में दाखिल हुए और सो रहे रामकिशोर पर चाकू से हमला किया।
शव को बक्से में छिपाया
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव को लकड़ी के बक्से में रखा गया और कुछ समय के लिए घर में ही बिस्तर के नीचे छिपा दिया गया। बाद में शव को ई-रिक्शा के जरिए मोहनलालगंज इलाके में एक नहर के पास ले जाकर फेंक दिया गया।
मामले में महिला के पहले पति से हुए 16 वर्षीय बेटे को भी पुलिस ने संरक्षण में लिया है। उस पर कथित तौर पर सबूत छिपाने में मदद करने का आरोप है। उसे किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया।
180 CCTV कैमरों से मिला सुराग
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान ई-रिक्शा की आवाजाही का पता लगाने के लिए रास्ते में लगे करीब 180 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा स्थानीय सूचना और तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया गया है। पुलिस ने कथित हत्या में इस्तेमाल चाकू और शव ले जाने वाले ई-रिक्शा को भी बरामद किया है।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
⚠️ जरूरी सूचना: इस रिपोर्ट में हत्या की साजिश, अवैध संबंध और सबूत छिपाने से जुड़े तथ्य पुलिस के अनुसार हैं। मामले की जांच जारी है और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है।