ट्रॉफी विवाद के बाद BCCI का बड़ा बयान
महिला एशिया कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम के ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में शामिल नहीं होने का विवाद अब और गहरा गया है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने एशिया कप की ट्रॉफी देने की पुरानी परंपरा में बदलाव को लेकर ACC पर सवाल उठाए हैं।
सैकिया के मुताबिक, पहले एशिया कप में विजेता टीम को उसके देश के क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख की ओर से ट्रॉफी देने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था 2024-25 के दौरान बदल दी गई और अब ACC चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने की स्थिति बनी।
BCCI ने रखी थी वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
सैकिया ने बताया कि BCCI ने रविवार के फाइनल से पहले भी अपनी स्थिति ACC के सामने रखी थी। बोर्ड ने सुझाव दिया था कि अगर नकवी ट्रॉफी नहीं दे सकते, तो ACC के डिप्टी चेयरमैन से ट्रॉफी दिलाई जा सकती है।
लेकिन इस अनुरोध पर सहमति नहीं बनी। इसके बाद भारतीय टीम ने ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में हिस्सा नहीं लिया।
BCCI ने कहा- पुरानी परंपरा बनी रहनी चाहिए
सैकिया ने कहा कि BCCI का रुख नया नहीं है और बोर्ड पिछले करीब डेढ़ साल से इसी स्थिति पर कायम है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विवाद बढ़ाना नहीं बल्कि एशिया कप की पुरानी प्रेजेंटेशन परंपरा को बनाए रखना है।
इससे पहले 2025 पुरुष एशिया कप के दौरान भी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। 2026 महिला एशिया कप में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली।
भारत ने जीता रिकॉर्ड आठवां खिताब
विवाद के बीच भारतीय महिला टीम ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए और श्रीलंका को 111 रन पर ऑलआउट कर दिया।
BCCI की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ट्रॉफी विवाद से ज्यादा महत्वपूर्ण टीम की खिताबी जीत है। सैकिया ने कहा कि भारत चैंपियन बना है और ट्रॉफी बाद में ली जा सकती है।