818 चयनित अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न सरकारी पदों के लिए चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इन अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
अगले छह महीनों में 1 लाख से ज्यादा नौकरियों का दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगले छह महीनों में उत्तर प्रदेश में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। सरकार के मुताबिक आने वाली भर्तियों में पुलिस, होमगार्ड, अधीनस्थ सेवाओं और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में नियुक्तियां शामिल होंगी।
2017 से पहले की भर्ती प्रक्रिया पर हमला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों, खासकर समाजवादी पार्टी सरकार, पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
योगी ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले राज्य में एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी और भर्ती आयोगों में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था। उन्होंने पिछली सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया।
ये आरोप मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए राजनीतिक दावे हैं। इनके संबंध में अलग-अलग राजनीतिक पक्षों की अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं रही हैं।
पुलिस और अन्य विभागों में भी भर्तियों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने आगामी भर्तियों का जिक्र करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 36 हजार युवाओं को नियुक्ति दी जानी है। इसके अलावा होमगार्ड में लगभग 41-42 हजार पदों की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया।
UPSSSC के जरिए अगले छह महीनों में करीब 25-30 हजार, जबकि उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग और UPPSC के जरिए भी हजारों युवाओं को अवसर मिलने की बात कही गई है।
सरकार के मुताबिक इन नियुक्तियों का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना और युवाओं को सरकारी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
⚠️ जरूरी सूचना: 1 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का आंकड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित लक्ष्य है। इसे भविष्य की सरकारी नियुक्तियों की घोषणा के रूप में समझा जाना चाहिए; सभी पदों पर नियुक्तियां संबंधित भर्ती प्रक्रिया और चयन पूरा होने के बाद ही होंगी।